ATM Full Form in hindi – एटीएम फुल फॉर्म

ATM Full Form hindi : Automated Teller Machine

दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम बात करने वाले हैं ATM ka full form के बारे में। आपने कभी न कभी एटीएम का इस्तेमाल किया होगा और अगर आपके पास एटीएम कार्ड नहीं है तो आपने किसी के मुंह से एटीएम का नाम सुना होगा। लेकिन क्या आप जानते हो।

जिसे हम ATM का नाम देकर बोलते हैं उसका पूरा नाम Automated Teller Machine है लेकिन ATM इसका छोटा नाम है तो आज की इस पोस्ट में हम बात करने वाले हैं ATM ka full form क्या होता है और आप भी ATM आपको इससे जुड़ी और भी बहुत सी रोचक जानकारियां बताएंगे जिन्हें जानकर आपको काफी मजा आने वाला है तो चलिए इस लेख को जारी रखते हैं।

ATM Full Form 

Automated Teller Machine

आज एटीएम मशीन की वजह से बहुत से लोगों का समय बर्बाद होने से बच जाता है, इसका मुख्य कारण यह है कि पहले के समय में किसी भी व्यक्ति को बैंक से पैसे निकालने के लिए कई घंटों तक बैंक में लाइन में खड़ा रहना पड़ता था और यहां तक ​​कि उसके बाद पैसे के लिए कई फॉर्म जमा करने पड़े और फिर हम उस बैंक से पैसे निकाल सके।

लेकिन एटीएम जैसी तकनीक के आने के बाद लगभग 90% लोगों ने अपना सारा पैसा एटीएम के माध्यम से निकालना और लगाना शुरू कर दिया है क्योंकि यह बहुत ही कम समय में पैसे निकाल और डाल सकता है और पार्टनर को इसमें कोई कागजी कार्रवाई नहीं करनी पड़ती है।

इसके अलावा अगर एटीएम की बात करें तो एटीएम की सुविधा सप्ताह में करीब 24 घंटे सातों दिन खुली रहती है, लेकिन बैंक में काफी छुट्टी होती है जिसके कारण हम पैसे से जुड़ा कोई काम नहीं कर पाते हैं. .

आज के समय में लगभग हर शहर और चौराहे पर एटीएम मशीनें पहुंच चुकी हैं और धीरे-धीरे यह सुविधा गांव में भी काम करने लगी है। दुनिया में एटीएम का चलन बढ़ रहा है

लेकिन बहुत से लोगों को एटीएम के बारे में पूरी जानकारी नहीं होती है उदाहरण के तौर पर ATM ka full form देखें, इसके पूरे नाम के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं आइए आपको बताते हैं एटीएम का फुल फॉर्म

एटीएम का एक पूर्ण रूप है: Automated Teller Machine और इसे हिंदी में स्वचालित टेलर मशीन (ATM ka full form in Hindi) भी कहा जाता है।

History of ATM 

दोस्तों, दुनिया का सबसे पहला बैंक 27 जून 1967 को लंदन के एक बार्कलेज बैंक द्वारा लंदन में अपनी एनफील्ड टाउन शाखा में स्थापित किया गया था और इस एटीएम मशीन का आविष्कार जॉन शेफर्ड-बैरोन ने किया था वह स्कॉटलैंड के निवासी थे लेकिन उनका जन्म 23 जून 1925 को भारत के मेघालय राज्य के शिलांग में हुआ था। लेकिन कुछ लोगों को यह प्रोजेक्ट पसंद नहीं आया और लोगों ने उस एटीएम का इस्तेमाल करने से मना कर दिया था। कि जापान की एटीएम मशीन एक बार फिर चालू हो गई

और उसके बाद जैसे पूरी दुनिया में एटीएम मशीनों का बोलबाला है। भारत में पहला एटीएम 1987 में मुंबई शहर में HSBC बैंक द्वारा स्थापित किया गया था।

How to use ATM (एटीएम का उपयोग कैसे करें)

दोस्तो आपके पास एटीएम जैसी सुविधा क्यों है? सबसे पहले आपको बैंक में फॉर्म भरना होगा।

उसके बाद आपको कुछ ही दिनों में आपका एटीएम कार्ड मिल जाता है

इसके बाद आपको बैंक में जाकर इस कार्ड को वेरीफाई करना होगा।

और इसके बाद आपको 4 अंको का एक सीक्रेट कोड दिया जाता है

जिसके इस्तेमाल से आप कहीं भी एटीएम से आसानी से पैसे निकाल सकते हैं

एटीएम से पैसे निकालने के लिए सबसे पहले आपको अपना कार्ड एटीएम के अंदर स्वाइप करना होगा।

इसके बाद आपको वहां स्क्रीन में अपने चार सीक्रेट कोड डालने होंगे।

इस सारी प्रक्रिया के बाद अब आपको वहां पर अपनी राशि लिखनी है।

आपको कितने पैसे की जरूरत है और कुछ ही सेकंड में पैसा आपके हाथ में होगा

ATM से पैसे निकालने का सबसे आसान तरीका

ऑटोमेटेड टेलर मशीन कितने प्रकार की होती है :-

दोस्ती शुरुआत में किसी भी तरह का एटीएम नहीं था।

लेकिन जैसे-जैसे एटीएम मशीन धीरे-धीरे बदलती है और बेहतर होती जाती है, वैसे-वैसे एटीएम के कई अलग-अलग रूप बन गए हैं।

विशेष रूप से तीन प्रकार के एटीएम होते हैं

  • व्हाइट लेबल एटीएम
  • बैंक एटीएम और
  • ब्राउन लेवल एटीएम

कुछ अलग प्रकार के विशेष एटीएम भी हैं। 

ये मुख्यतः चार प्रकार के होते हैं।

  1. ग्रीन लेबल एटीएम
  2. गुलाबी लेबल एटीएम
  3. येलो लेवल एटीएम और
  4. ऑरेंज लेबल एटीएम

दोस्तों आपको हमारा एटीएम का फुल फॉर्म ब्लॉग कैसा लगा हमने आपको एटीएम का फुल फॉर्म ब्लॉग के साथ-साथ एटीएम से जुड़ी और भी जानकारी देने की कोशिश की है। तो अगर आपने हमारे एटीएम का फुल फॉर्म ब्लॉग को अंत तक पढ़ा है, तो आपका बहुत-बहुत धन्यवाद

Leave a Comment